Logic of Null Hypothesis Statistical Significance (NHST)
मान लीजिये कि
1. NHST की प्रक्रिया में हम यह ज्ञात करना चाहते है कि
- A . M - μ = 0 है अथवा
- A और B में चुनाव करने के लिए यह देखा जाता है कि यदि पापुलेशन का मध्यमान μ है
- यदि संभाव्यता अधिक है तब स्वीकार किया जायेगा. M - μ = 0
2. सम्भाव्यता अथवा असम्भाव्यता को ज्ञात करने के लिए हम एक alpha level (α) को तय करते हैं.
आमतौर पर α= 5% पर तय कर लिया जाता है.
निम्न चित्र में प्रायिकता वक्र पर 5% वाले क्षेत्र को दर्शाया गया है.
Source Warner, Rebecca M .
यदि .
μ = 100 है
σ =. 2.5 है
Mo = 105 है
तब हम Mo के संभाव्यता का निर्णय इस वक्र के माध्यम से कर सकते हैं.
परन्तु उसके लिए पहले प्राप्त Mo को मानक अथवा z- स्कोर में परिवर्तित करते हैं.
जीवसंख्या से असंख्य सैम्पल्स प्राप्त किये जा सकते हैं और उतने ही M प्राप्त हो सकते हैं जिनका.
मध्यमान = μ तथा मानक विचलन = σ होता है
Mo ऐसा ही एक प्राप्तांक है.
अतः Mo का मानक स्कोर होगा:
z =. (Mo - μ) / σ
= (105 - 100)/2.5
= 2.00
प्रायिकता वक्र को देखने पर पता चलता है कि यदि Mo=104.11 तब उसके सामान z = 1.645 होगा. प्राप्त Mo का मान 105 है जो की 104.11 से अधिक है और उसके समानांतर z score का मान 2.00 है जो कि 1.645 से अधिक है. अतः प्राप्त Mo (105) की संभाव्यता मात्र 5% है. अतः प्राप्त Mo एक असम्भाव्य अथवा unlikely प्राप्तांक है. इसे हम एक random occurence मानकर अनदेखा नहीं कर सकते हैं. अतः हम यह मान लेते हैं कि Mo - μ का अंतर शून्य के समान नहीं है और दोनों में सार्थक अंतर है. अतः Ho को अस्वीकार कर लेते हैं.
दुसरे शब्दों में
उपरोक्त उदहारण में चूँकि Mo =105 है जिसका z score = 2.00 है, अतः यह एक असम्भाव्य प्राप्तांक है.
इसलिए शुन्य परिकल्पना को अस्वीकार कर देते हैं.
तकनीकी रूप से इसका निर्णय हम यूँ लेते हैं:
Mo को z -प्राप्तांक में बदलते हैं.
प्राप्त z - score = z -obtained है.
प्रायिकता वक्र पर 0.05 के लिए z -critical = 1.645 है.
यदि. z -obtaine > z -critical
तब Ho अस्वीकार्य है .
NB: z -critical के मान को दिए गए df एवं 0.05 के स्तर पर NPC के टेबल से देखा जा सकता है.